नई दिल्ली: गर्मी के मौसम में ट्रेनों का सुचारू तौर पर संचालन बनाए रखने और यात्रियों की बढ़ती भीड़ से निपटने के लिए भारतीय रेलवे प्रयासरत है.
इसी के तहत रेलवे ने अलग-अलग जोन यात्रियों की संख्या, वेटिंग टिकटों की स्थिति,क्राउड मैनेजमेंट की समीक्षा कर रहा है. साथ ही रेगुलर तथा स्पेशल ट्रेनों को बेहतर तरीके से चलाने के लिए उनके बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है.
दरअसल, यात्रियों के पैटर्न के बारे में किए गए एक सर्वे के आधार पर उत्तर रेलवे यात्रियों को विशेष ट्रेनों और उनके समय के बारे में जानकारी देने के लिए करीब एक करोड़ संदेश (मैसेज) भेजने की योजना बना रहा है.
गर्मी के मौसम में विशेष ट्रेनों की तैयारी के बारे में जानकारी देते हुए उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने ईटीवी भारत को बताया कि, गर्मी के मौसम में अपने अपने घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विशेष ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है.
हाल ही में उत्तर रेलवे ने यात्रियों के पैटर्न के बारे में एक सर्वे किया है, जिसके आधार पर हम उन्हें विशेष ट्रेनों और समय के बारे में सूचित करने के लिए लगभग एक करोड़ संदेश भेजने की योजना बना रहे हैं, जिसके बाद वे अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं.
विशेष ट्रेनों पर बात करते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ कैप्टन शशि किरण ने कहा कि, अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे विशेष ट्रेनें चलाने जा रहा है और यात्रियों की सुविधा के लिए नियमित ट्रेनों में एक्स्ट्रा कोच भी जोड़ेगा.
सीपीआरओ शशि किरण ने कहा कि, उत्तर पश्चिम रेलवे ने वेटिंग टिकट की सूची को खाली करने के लिए पुणे, वलसाड, हावड़ा, मुंबई, बांद्रा, संतरागाछी, कोयंबटूर और मैसूर सहित अलग-अलग दिशाओं के लिए विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला किया है.
इसके अलावा, रेलवे स्थिति की समीक्षा कर रहा है और यात्रियों की बढ़ती संख्या का पता लगाने की कोशिश कर रहा है ताकि वहां से कुछ और विशेष ट्रेनें चलाई जा सकें. उन्होंने कहा कि, उत्तर पश्चिम क्षेत्र इस मुद्दे पर अन्य क्षेत्रों के साथ भी चर्चा कर रहा है.
सीपीआरओ शशि किरण ने कहा कि, अधिक यात्रियों को समायोजित करने के लिए, मध्य रेलवे ने यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए अपनी नियमित ट्रेनों के अलावा अब तक 278 अनारक्षित ट्रेनों सहित 1058 ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों की घोषणा की है. मध्य रेलवे ने पहले ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों की 986 ट्रेन सेवाओं की घोषणा की थी और अब यात्रियों के लाभ के लिए अतिरिक्त 72 सेवाएं चलाएगा.
साउथ रेलवे के सीपीआरओ एम सेंथमिल सेल्वन ने कहा कि, दक्षिण मध्य रेलवे ने भी गर्मियों के मौसम में अतिरिक्त यात्रियों की सुविधा के लिए मौजूदा समय और ठहराव के साथ विशेष ट्रेनों की सेवाओं के विस्तार के लिए अधिसूचना जारी की है.
रेलवे ने विशेष ट्रेन सुविधाओं के अलावा स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण प्रबंधन प्रणाली भी बनाई है. प्रारंभिक स्टेशनों पर महत्वपूर्ण ट्रेनों में आराम से चढ़ने के लिए कतार प्रणाली को बनाए रखा जाता है.
भारी भीड़ के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति से बचने और यात्रियों को वास्तविक समय में सहायता प्रदान करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ कर्मचारियों को भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित करने के लिए फुट-ओवर ब्रिज पर तैनात किया जाता है.
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कुछ दिन पहले लोकसभा को सूचित किया था कि भीड़भाड़ के चरम समय के दौरान,जब यात्रियों की भारी आवाजाही की आशंका होती है, तो जोनल रेलवे को प्लेटफॉर्म टिकट जारी करने पर रोक लगाकर स्टेशनों पर प्रवेश प्रतिबंधित करने का अधिकार है.
सिवाय उन लोगों के जो स्टेशन पर सिर्फ बुजुर्ग,अशिक्षित और महिला यात्रियों की सहायता के लिए आते हैं जो रेलवे स्टेशनों पर खुद की देखभाल करने की स्थिति में नहीं हैं.
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