यमुनानगर, 3 अप्रैल 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 14 अप्रैल को हरियाणा के यमुनानगर जिले का दौरा करेंगे, जहां वे दीनबंधु छोटू राम थर्मल पावर प्लांट में 800 मेगावाट क्षमता की एक नई अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल इकाई की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना को ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो हरियाणा में बिजली उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल तकनीक को बढ़ावा देगा।
इस नई इकाई के निर्माण से राज्य की बिजली आपूर्ति में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक कोयले के उपयोग को अधिक कुशल बनाती है और पारंपरिक थर्मल प्लांट्स की तुलना में कम कार्बन उत्सर्जन करती है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 6,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है, और इसके 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियों को लेकर यमुनानगर प्रशासन ने कमर कस ली है। इस अवसर पर एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, राज्य के ऊर्जा मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी इस दौरान एक जनसभा को भी संबोधित कर सकते हैं, जिसमें वे केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं पर प्रकाश डालेंगे।
दीनबंधु छोटू राम थर्मल पावर प्लांट पहले से ही 600 मेगावाट की दो इकाइयों के साथ संचालित हो रहा है। नई 800 मेगावाट इकाई के जुड़ने से इसकी कुल उत्पादन क्षमता 2,000 मेगावाट से अधिक हो जाएगी। हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के एक अधिकारी ने बताया, "यह परियोजना न केवल बिजली उत्पादन बढ़ाएगी, बल्कि ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी एक मिसाल कायम करेगी।"
स्थानीय लोगों और उद्योगपतियों ने इस परियोजना का स्वागत किया है। यमुनानगर के एक उद्यमी संजय गुप्ता ने कहा, "बिजली की नियमित आपूर्ति से हमारे कारखानों को बहुत फायदा होगा। यह क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए एक बड़ा कदम है।" वहीं, कुछ पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कोयला आधारित प्लांट के विस्तार पर चिंता जताई है, लेकिन सरकार का कहना है कि अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक से प्रदूषण को नियंत्रित रखा जाएगा।
14 अप्रैल को पीएम मोदी के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। जिला प्रशासन ने यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम स्थल पर मेडिकल सुविधाएं और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं।
यह परियोजना केंद्र सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'हरित ऊर्जा' के दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। पीएम मोदी का यह दौरा न केवल यमुनानगर बल्कि पूरे हरियाणा के लिए ऊर्जा और विकास के नए युग की शुरुआत का प्रतीक होगा। स्थानीय जनता अब इस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रही है।
पीएम मोदी 14 अप्रैल को यमुनानगर में रखेंगे 800 मेगावाट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर इकाई की आधारशिला
0 Comments