MHA में J&K डिवीजन के संयुक्त सचिव प्रशांत लोखंडे ने बताया कि 14 नवंबर रात 11:20 बजे नौगाम पुलिस स्टेशन में जांच के दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण आकस्मिक विस्फोट हुआ।
उन्होंने कहा कि FIR-162/2025 की जांच में मिले बड़ी मात्रा में विस्फोटक और केमिकल्स को थाने के सुरक्षित खुले क्षेत्र में रखा गया था। बरामद सामग्री की फॉरेंसिक जाँच SOP के तहत दो दिनों से लगातार चल रही थी और इसकी अस्थिर प्रकृति को देखते हुए विशेषज्ञ टीम अत्यधिक सावधानी से काम कर रही थी।
जाँच के दौरान अचानक हुए इस धमाके में 9 लोगों की मौत और 27 पुलिसकर्मियों, 2 राजस्व अधिकारियों व 3 स्थानीय नागरिकों के घायल होने की पुष्टि हुई। सभी घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई। पुलिस स्टेशन को भारी नुकसान पहुँचा है।
संयुक्त सचिव ने स्पष्ट कहा कि घटना को लेकर किसी भी तरह की अनावश्यक अटकलें ठीक नहीं हैं और सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
नौगाम ब्लास्ट पर गृह मंत्रालय का बयान
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