चित्तौड़गढ़: राजस्थान के जैसलमेर में हुए बस हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया है. इसमें कई बड़ी खामियां भी सामने आई हैं. इस हादसे में इस बात की जानकारी मिली है कि बस का पंजीयन चित्तौड़गढ़ में हुआ था, लेकिन यह बस नॉन एसी में पंजीकृत हुई थी. बाद में बस मालिक ने नियमों के विरुद्ध जाकर बस को एसी में मॉडिफाई करवा लिया था, जिसकी परिवहन विभाग के अधिकारियों को भनक तक नहीं लग पाई थी. जब हादसे की जानकारी मिली तो चित्तौड़गढ़ परिवहन विभाग के अधिकारी भी सकते में आ गए. इस बस मालिक की अन्य बसों की भी अब जांच करवाई जा रही है.
जिला कलेक्टर पहुंचे, दस्तावेज देखा : हादसे के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर आलोक रंजन बुधवार को प्रादेशिक परिवहन अधिकारी कार्यालय पहुंचे और परिवहन अधिकारी नेमीचंद पारीक तथा जिला परिवहन अधिकारी नीरज शाह से बस पंजीयन के संबंध में जानकारी ली.
इसमें परिवहन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से बताया कि इस बस का पंजीयन नॉन एसी के रूप में हुआ था, लेकिन बस मालिक ने नियमों के विपरीत जाकर इस बस को एसी में मॉडिफाई करवा दिया था. बाद में चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने प्रादेशिक परिवहन अधिकारी कार्यालय का भी गहनता से निरीक्षण किया है. साथ ही बस के पंजीयन के संबंध में दस्तावेज भी मंगवाए.
विभाग में तो बस यह चित्तौड़गढ़ में नॉन एसी के रूप में पंजीकृत हुई. वाहन मालिक ने इसमें क्या मॉडिफिकेशन करवाया, यह तो जांच करने के बाद ही बता पाएंगे. इस बस का 21 मई का बिलिंग है. तीन महीने में बस की बॉडी तैयार हुई है. उसके बाद बस पंजीयन हुई. इसमें 15 दिनों में उसने क्या मॉडिफिकेशन करवाया, यह तो वाहन मालिक ही बता सकता है. -नीरज शाह, चित्तौड़गढ़ जिला परिवहन अधिकारी.
सड़क पर आने के 14 दिन में हादसा : इधर, परिवहन अधिकारी कार्यालय से बस के सम्बन्ध में जानकारी जुटाई गई है. इसमें सामने आया कि 1 अक्टूबर को ही यह बस सड़क पर आई थी. वहीं, 14 अक्टूबर को यह हादसा हो गया. नई बस में इस तरह का हादसा होने से बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं.
एसीबी की एंट्री, कार्यवाहक डीटीओ सहित एक अन्य सस्पेंड : जैसलमेर बस हादसे के मामले में राज्य सरकार सख्ती बरत रही है. इस मामले की प्रारंभिक जांच करवाई गई है. इसमें प्रथम दृष्टया बस पंजीयन को अप्रूव करने वाले कार्यवाहक डीटीओ और सहायक प्रशासनिक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है. निलंबन काल में मुख्यालय जयपुर रहेगा. वहीं, अब एसीबी भी इस मामले में जांच करेगी. बस अप्रूव के संबंध में रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजेगी.
कंपनी की एक बस को किया जब्त : राज्य सरकार के आदेश पर निजी बस कम्पनी की एक बस को जब्त करने की कार्रवाई भी की गई है. इस कंपनी की एक बस के चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा में खड़े होने की जानकारी मिली. इस पर इंस्पेक्टर सतीश मीणा को मौके पर भेजा गया. निंबाहेड़ा में इस बस को जब्त कर के पुलिस थाने पर खड़ी करवाई है. इस बस की भी नियमानुसार जांच होगी.
एसीबी करेगी मामले की जांच : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) चित्तौड़गढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि जैसलमेर बस दुखांतिका में एसीबी की ओर से भी जांच की जाएगी. इस मामले में चित्तौड़गढ़ जिले के किन परिवहन अधिकारियों की और से पद का दुरुपयोग करते हुए बस मालिक को फायदा पहुंचाया गया है, तथा मापदंडों के अनुरूप नहीं होने के बावजूद भी बस का किस आधार पर फिटनेस जारी किया गया है, इस संबंध में जांच कर इसकी रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी.
बड़ा खुलासा : चित्तौड़गढ़ से Non AC में पंजीकृत हुई थी बस, मलिक ने एसी में करवाया Modify
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