कांग्रेस ने किसानों के मुआवजे, धान घोटाले की जांच व कानून व्यवस्था के मुद्दों पर राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन- हुड्डा
सभी फसलों पर 1000 रुपये बोनस का ऐलान करे सरकार- हुड्डा
झज्जर, 14 नवंबर । पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि जिस हिसाब से बिहार में महागठबंधन को जनसमर्थन मिल रहा था, चुनावी नतीजे वैसे नहीं आए हैं। हमारे गठबंधन को ऐसे नतीजों की उम्मीद नहीं थी। इसलिए बिहार की हार पर कांग्रेस पार्टी गंभीरता से मंथन करेगी और तमाम कारणों की जांच करेगी।
हुड्डा झज्जर में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते जनहित के मुद्दे उठाना कांग्रेस का फर्ज है। इसीलिए पार्टी ने विधायक दल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भारी बारिश से किसानों को हुए नुकसान, धान की खरीद में हुए घोटाले, प्रदेश में बढ़ते अपराध और राशन कार्ड घोटाले पर संज्ञान लेने की मांग की गई।
हुड्डा में पत्रकारो के साथ बातचीत करते हुए कहा कि पिछले दिनों प्रदेशभर में हुई भारी वर्षा के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। धान, कपास और अन्य खरीफ फसलों के खेत जलमग्न हो गए हैं, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से गहरा आघात पहुंचा है। अनेक किसानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं, परंतु सरकार की ओर से अब तक न तो सही सर्वे किया गया है और न ही मुआवजे की कोई ठोस घोषणा हुई है। अत्यधिक बारिश के कारण इस बार की फसल तो बर्बाद हुई है और अभी तक जल भरा हुआ है, इसलिए अगली फसल की बुवाई भी संभव नहीं है। हम मांग करते हैं कि सरकार विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को 50 से 60 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दे।
इसके अतिरिक्त, यह सरकार 24 फसलों पर MSP देने की बात करती है, लेकिन यह बात धरातल पर बिल्कुल भी सही नहीं है। धान, बाजरा, मूंग, कपास जैसी बहुत सारी फसलें हैं जिनकी MSP किसानों को बिल्कुल भी नहीं मिलती। हरियाणा के किसान अपनी धान और बाजरे को MSP से 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल कम में बेचने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसे में सरकार को बाढ़ के नुकसान व एमएसपी से कम रेट में खरीद को देखते हुए सभी फसलों पर 1000 रुपये बोनस देना चाहिए।
धान की सरकारी खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और घोटाले की शिकायतें सामने आई हैं। कई मंडियों में किसानों को उचित दाम नहीं मिले, वहीं कुछ जगहों पर फर्जी खरीद-फरोख्त के मामलों ने पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। इसी प्रकार, खाद की भारी कमी और कालाबाजारी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। कांग्रेस विधायक दल की यह मांग है कि इस पूरे मामले की जांच हरियाणा हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाई जाए, ताकि सत्य जनता के सामने आ सके।
इसी के साथ, प्रदेश में अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है। हत्या, फिरौती, लूट, बलात्कार, चोरी और नशे से जुड़ी घटनाएँ आम हो चुकी हैं। आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। खुद केंद्र सरकार का कहना है कि हरियाणा में 80 से ज्यादा आपराधिक गैंग सक्रिय हैं, जो संगठित अपराध कर रहे हैं।
जनता ही नहीं, बल्कि पुलिस का भी सरकार और कानून-व्यवस्था से भरोसा उठ चुका है। हमारी मांग है कि ADGP और ASI की आत्महत्या की सीबीआई द्वारा हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच हो, ताकि प्रदेश की जनता को सच पता चले और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले। इस मौके पर पूर्व गृह मंत्री सुभाष बत्रा, विधायक कुलदीप वत्स, चक्रवर्ती शर्मा भी मौजूद थे।
बिहार के नतीजों पर मंथन करेगी कांग्रेस पार्टी- हुड्डा
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