चंडीगढ़, 1 अप्रैल 2025: पंजाब के मोहाली जिला कोर्ट ने मंगलवार को स्वयंभू ईसाई धर्मगुरु पादरी बजिंदर सिंह को 2018 के एक रेप केस में उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट के इस फैसले के बाद मोहाली में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है।
दोषी ठहराए गए बजिंदर सिंह को पटियाला जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां वह अपनी सजा काटेगा। इस मामले ने न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश में सनसनी फैला दी है, क्योंकि बजिंदर सिंह अपने चमत्कारी दावों और "यशू-यशू" जैसे नारे के लिए सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रहे हैं।
मामले की शुरुआत और आरोप
यह मामला साल 2018 का है, जब मोहाली के जीरकपुर की एक महिला ने बजिंदर सिंह पर बलात्कार का आरोप लगाया था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा था कि बजिंदर ने उसे विदेश में बसाने का झांसा देकर अपने मोहाली स्थित सेक्टर 63 के आवास पर बुलाया। वहां उसने महिला के साथ रेप किया और इस घटना का वीडियो बना लिया।
पीड़िता के मुताबिक, बजिंदर ने उसे धमकी दी थी कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी, तो वह वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। इस शिकायत के आधार पर जीरकपुर पुलिस ने बजिंदर सिंह और छह अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (बलात्कार), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया था।
लंबी कानूनी लड़ाई और कोर्ट का फैसला
इस केस की सुनवाई पिछले सात सालों से चल रही थी। 28 मार्च 2025 को मोहाली की एक स्थानीय अदालत ने बजिंदर सिंह को दोषी करार दिया था, जबकि मामले में शामिल पांच अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। एक अन्य आरोपी की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी थी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रांत कुमार की कोर्ट ने मंगलवार, 1 अप्रैल 2025 को सजा का ऐलान करते हुए बजिंदर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बजिंदर को अपनी अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा।
पीड़िता के वकील अनिल सागर ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा, "बजिंदर सिंह एक आध्यात्मिक नेता के रूप में लोगों के बीच लोकप्रिय थे। उनके अनुयायी उन्हें 'पापा जी' कहते थे। जब ऐसा अपराध किसी प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा किया जाता है, तो सजा कठोर होनी चाहिए। हम इस आजीवन कारावास की सजा से संतुष्ट हैं।"
पीड़िता और परिवार की प्रतिक्रिया
सजा सुनाए जाने के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने राहत की सांस ली। पीड़िता ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैंने सात साल तक यह लड़ाई लड़ी। बजिंदर एक साइको इंसान है।
अगर वह जेल से बाहर आया, तो फिर अपराध करेगा। मैं चाहती हूं कि वह हमेशा जेल में रहे।" पीड़िता के पति ने भी कोर्ट और पुलिस का आभार जताया। उन्होंने बताया कि इस मामले में उन पर कई तरह के दबाव बनाए गए थे।
"बजिंदर ने हमें डराने के लिए कई झूठे केस दर्ज करवाए। एक बार तो हमें 5 करोड़ रुपये का ऑफर भी दिया गया, लेकिन हमने इसे ठुकरा दिया। आज हमें न्याय मिला है," उन्होंने कहा।
मोहाली में सुरक्षा बढ़ाई गई
कोर्ट के फैसले के बाद मोहाली में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है। पुलिस को आशंका थी कि बजिंदर के समर्थक कोर्ट के बाहर प्रदर्शन कर सकते हैं।
हालांकि, अभी तक कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है। बजिंदर को सजा सुनाए जाने के बाद उसे कड़ी सुरक्षा में पटियाला जेल ले जाया गया।
कौन हैं बजिंदर सिंह?
बजिंदर सिंह का जन्म हरियाणा के यमुनानगर जिले में एक हिंदू जाट परिवार में हुआ था। करीब 15 साल पहले वह एक हत्या के मामले में जेल गए थे, जहां उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया।
जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने जालंधर के ताजपुर गांव में 'चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम' की स्थापना की। उनके चर्च की देशभर में 260 से ज्यादा शाखाएं हैं, जिनमें सबसे बड़ी शाखा मोहाली के न्यू चंडीगढ़ में है।
बजिंदर चमत्कार के जरिए बीमारियों को ठीक करने का दावा करते थे और उनकी सभाओं में हजारों लोग शामिल होते थे। उनका यूट्यूब चैनल 'प्रोफेट बजिंदर सिंह' भी काफी लोकप्रिय है, जहां उनके 3.74 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं।
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