हरियाणा में मतदाता सूचियों को लेकर एक अहम मामला सामने आया है। राज्य के विभिन्न इलाकों में मतदाता सूची में करीब 29 लाख ऐसे मतदाता पाए गए हैं, जिनमें मतदाता और उनके पिता के नाम एक जैसे दर्ज हैं। इन संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच के लिए निर्वाचन विभाग ने खंड स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की ड्यूटी लगाई है।
दस्तावेज जांच के बाद होगा फैसला
निर्वाचन विभाग के अनुसार बीएलओ मतदाता सूची में दर्ज पते पर जाकर संबंधित मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच करेंगे। जांच में जो मतदाता सही पाए जाएंगे, उनका नाम मतदाता सूची में बरकरार रहेगा, जबकि फर्जी पाए जाने वाले मतदाताओं को सूची से हटा दिया जाएगा।
राहुल गांधी के आरोपों के बाद चर्चा में आया मामला
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नवंबर में हरियाणा में 25 लाख फर्जी मतदाताओं के सहारे भाजपा पर सरकार बनाने का आरोप लगाया था। इस दौरान उन्होंने एक ब्राजीलियन मॉडल की तस्वीर दिखाते हुए दावा किया था कि उसका नाम सोनीपत के राई विधानसभा क्षेत्र के कई बूथों पर वोटर लिस्ट में दर्ज है। इसके अलावा एक अन्य महिला की तस्वीर को भी अलग-अलग नामों से 100 स्थानों पर दर्ज होने का दावा किया गया था।
आरोप सही नहीं, लेकिन सामने आए 29 लाख संदिग्ध नाम
इन आरोपों की जांच निर्वाचन विभाग ने कराई थी, जिसमें आरोप सही नहीं पाए गए। हालांकि जांच के दौरान यह जरूर सामने आया कि करीब 29 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनके नाम उनके पिता के नाम से मेल खाते हैं। इसी वजह से अब इन सभी प्रविष्टियों की गहन जांच कराई जा रही है।
अप्रैल में संभावित है विशेष गहन पुनरीक्षण
हरियाणा में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अप्रैल में संभावित है। इसकी औपचारिक घोषणा से पहले ही निर्वाचन विभाग तैयारियों में जुट गया है। प्रदेशभर में करीब 21 हजार बीएलओ वर्ष 2002 की मतदाता सूची के साथ वर्तमान सूची का मिलान कर रहे हैं।
हरियाणा में मतदाता सूची में 29 लाख संदिग्ध नाम, पिता-पुत्र के नाम एक जैसे होने पर जांच शुरू
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