news-details
बड़ी खबर

AI युग सिर्फ अपग्रेड नहीं, पूरी इकोनॉमी का रीसेट: जियो

Raman Deep Kharyana :-

मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में मैथ्यू ओमेन ने रखा ‘इंटेलिजेंस ग्रिड’ का विजन


बार्सिलोना, 4 मार्च 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर टेलीकॉम सेक्टर के लिए सिर्फ टेक्नोलॉजी अपग्रेड नहीं, बल्कि इकोनॉमी और बिज़नेस मॉडल का रीसेट है। मैथ्यू ओमेन, ग्रुप सीईओ, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (MWC) बार्सिलोना में कहा कि दुनिया अब “मिनट्स और बाइट्स” से आगे बढ़कर “टोकन्स और इंटेलिजेंस” की नई इकोनॉमी में प्रवेश कर रही है।

ओमेन के मुताबिक, इंडस्ट्रियल एरा प्रोडक्शन पर आधारित था, इंटरनेट एरा ने कनेक्टिविटी और क्लाउड दिया, लेकिन AI एरा इकोनॉमिक इक्वेशन को पूरी तरह बदल देगा। “यह अपग्रेड साइकिल नहीं है, यह एक कंप्लीट रीसेट है,” उन्होंने कहा। वैश्विक स्तर पर AI में ट्रिलियन डॉलर का निवेश इस बदलाव की गंभीरता दिखाता है।

कंपनी के फोकस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि “यह बदलाव टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ा अवसर है। जियो खुद को सिर्फ नेटवर्क प्रोवाइडर के रूप में नहीं, बल्कि ‘इंटेलिजेंस ग्रिड’ के बिल्डर के रूप में देखता है। टेलीकॉम की करेंसी मिनट्स से बाइट्स और अब टोकन्स की ओर शिफ्ट हो रही है। हम सिर्फ सबसे बड़ा टोकन पाइप नहीं बनना चाहते, बल्कि सबसे बड़ा टोकन जेनरेटर बनना चाहते हैं।” 

बताते चलें कि मिनट्स, बाइट्स और टोकन्स के जरिए टेलीकॉम इंड्स्ट्री को संक्षेप में समझा जा सकता है। पहले कमाई का आधार था- वॉयस कॉलिंग, यह मिनट्स में गिनी जाती थी, फिर आया डेटा जो बाइट्स में काउंट होने लगा यानी कितनी बाइट्स ग्राहक इस्तेमाल कर रहा है आदि और भविष्य में यह AI टोकन में तब्दील हो जाएगा। इसमें AI कम्प्यूटेशन, मॉडल इंफरेंस (AI का जवाब देना), ऑटोमेटेड डिसीजन और मशीन-टू-मशीन इंटरैक्शन जैसी इंटेलिजेंट सेवाएं शामिल होंगी।   

उन्होंने याद दिलाया कि जियो ने भारत में वॉइस को मुफ्त किया और डेटा की कीमत 9 सेंट प्रति जीबी तक लाई, जिससे 52.5 करोड़ से अधिक यूजर्स तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंची। अब अगला लक्ष्य “सबसे कम लागत पर टोकन-पर-वॉट” डिलीवर करना है, यानी किफायती दामों पर बड़े पैमाने पर इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना।

ओमेन ने ‘AI कमांड आर्किटेक्चरल फ्रेमवर्क’ का जिक्र करते हुए कहा कि भविष्य का नेटवर्क अलग-अलग टूल्स का जोड़ नहीं होगा, बल्कि एक यूनिफाइड, इंटीग्रेटेड आर्किटेक्चर होगा। AI और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर साथ मिलकर ऐसे सिस्टम बनाएंगे जो रियल टाइम में सोचें, कोऑर्डिनेट करें और एक्शन लें।

उनके अनुसार, टेक्नोलॉजी लीडरशिप अब इकोनॉमिक लीडरशिप है, और वही आगे चलकर नेशनल लीडरशिप तय करेगी। ऊर्जा, ट्रांसपोर्ट, फाइनेंस और सिक्योरिटी जैसे सेक्टर्स में इंटेलिजेंस एम्बेड करना जरूरी होगा—और इसकी बुनियाद टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही टिकेगी।

ओमेन ने स्वीकार किया कि AI ट्रांसफॉर्मेशन कुछ लोगों में चिंता पैदा कर सकता है, लेकिन इसे “हमारे जीवन का सबसे बड़ा अवसर” बताते हुए कहा कि जो ऑपरेटर्स इस बदलाव को अपनाएंगे, वही भविष्य की इकोनॉमी में अग्रणी होंगे।

AI युग सिर्फ अपग्रेड नहीं, पूरी इकोनॉमी का रीसेट: जियो

You can share this post!

author

Kharyana

By Admin

For advertisment kindly write us marketing@kharyana.com
Or call us +91-9992-788-081, +91-8053-307-000

0 Comments

Leave Comments