पंचायतों के ₹5 लाख तक के कामों में कोटेशन से तय होंगे लेबर रेट, जांच के लिए कमेटियां बनीं
विकास एवं पंचायत विभाग ने पंचायतों के राज संशोधन में होने वाले विकास कार्यों की प्रक्रिया को लेकर नई निदेश जारी किए हैं। विभाग के निदेशक ने स्पष्ट किया कि 9 मई 2023 को जारी गजट नोटिफिकेशन का सही ढंग से पालन नहीं हो रहा है। यानी पंचायती राज संस्थाएं मनमानी से किसी को भी विकास कार्य के दौरान मजदूरी नहीं दे सकेंगी। इसके लिए कोटेशन लेनी पड़ेगी। कोटेशन की भी जांच होगी।
इसके लिए ग्राम पंचायत से लेकर जिला परिषद तक सभी कमेटियों का गठन का प्रावधान किया गया है। यदि कोई कार्य विभागीय स्तर पर कराया जा रहा है तो उसकी लागत 5 लाख रुपए तक है तो वह कार्य सिर्फ लेबर रेट्स के आधार पर कोटेशन आमंत्रित कर ही किया जाएगा। इसके लिए गठित समितियां सबसे कम दरों का चयन करेंगी।
कोटेशन को नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य
कोटेशन नोटिस को नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा.प्रहलाद। कई ओर की राशि को बचाने के काम को विभिन्न हिस्सों में बांटकर नियम से बचने की अनुमति नहीं होगी। सभी पंचायती राज संस्थाओं में कोटेशन का रजिस्टर बनाना जरूरी, ताकि पेपर रिव्यू व ऑडिट हो सके। तीनों बिलों से सिक्योरिटी मनी काटी जाएगी।
किस स्तर पर कौन रहेगा समिति में शामिल
ग्राम पंचायत: सरपंच, ग्राम सचिव, जूनियर इंजीनियर और सोशल एजुकेशन पंचायत ऑफिसर।
पंचायत समिति: अध्यक्ष, बीडीपीओ और ब्लॉक के उपमंडल अधिकारी।
जिला: अध्यक्ष, सीईओ व एक्सईएन।
निदेशालय द्वारा जारी आदेशों में सभी एसडीओ, डीडीपीओ और बीडीपीओ को सख्त हिदायत दी कि नियमों के उल्लंघन पर संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
निदेशालय ने अधिकारियों को आदेश के पालन के निर्देश दिए...
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